पृष्ठ

बुधवार, 22 मई 2013

साबर मोहनी जाल || mohini jaal sadhna ||




 साबर तंत्र में इस साधना को मोहनी जाल के नाम से जाना जाता है | इसका प्रयोग  कभी विफल नहीं जाता !इस से जहाँ अपने उच्च अधिकारी को अपने अनुकूल बना सकते है | वही अपने आस पास के वातावरण को अपने विरोध होने से  रोक सकते है | अपनी झगड़ालू पत्नी जा पति को भी अपने वश में  कर उसे अनुकूलता दे सकते है | कई लोग इस प्रयोग का गलत इस्तेमाल कर लेते है | उन्हें जही कहता हू कोई भी ऐसा कार्य ना करे जो समाजिक दृष्टि से अनुकूल ना हो | सिर्फ आवश्कता पड़ने पर ही यह प्रयोग करे मुझे कई सवाल आये वशिकर्ण वारे पर मैं ज्यादा करके टाल देता हू | जहा भी यह प्रयोग जिज्ञाशा के लिए दे रहा हू | इस लिए इसे सद्कार्य हेतु इस्तेमाल करे नहीं तो शक्ति कई वार विपरीत स्थिति भी पैदा कर देती है | मैंने काफी समय पहले साबर शिव तंत्र पड़ा था | उस में  यह प्रयोग दिया था | इसे अनुभूत किया  यह घर से भी साध्य व्यक्ति  को भी  बुला लेता है | ऐसा परखा हुआ है | मोहनी जाळ फेकना आसन है, मगर उठाना उतना ही मुश्किल इस लिए  इसे इस्तेमाल करने से पहले पुनः  सोच विचार कर ले  | इस का प्रयोग  अति  शक्तिशाली है | इस से अपने प्रतिबंधिओ  को अपने अनुकूल कर मन चाहा कार्य संपन करा  सकते है | यह प्रयोग पहली  वार आपके समक्ष  ला रहा हू |


साधना विधि --
१. इसे लाल वस्त्र धारण कर करना चाहिए |
२. आसन कुषा का जा कबल का ले सकते है |
३. दिशा उतर रहेगी |
४. मन्त्र जाप पाँच  माला करना है | इस के लिए लाल चन्दन जा कुंकुम की माला जा काले हकीक  की माला इस्तेमाल कर सकते है |
५ तेल का दीपक साधना काल में जलता रहेगा जब तक आप मन्त्र जाप करते है | दीपक में तिल का तेल इस्तेमाल करे तो जयादा उचित है |
६. सोलह किस्म का सिंगार ले आये उसे वेजोट पे लाल वस्त्र विछा के उस पर  रख दे और सात किस्म की मिठाई भी रख दे इस के  इलावा छोटी इलाची और एक शीशी  इतर पास रखे और एक मीठा पान का बीड़ा रख दे |
७. साधना के बाद छोटी इलाची और इतर को छोड़ कर शेष  समग्री किसी निर्जन स्थान  पे उसी लाल वस्त्र में बांध कर  छोड़ दे अथवा नदी में प्रवाहित करदे |
८. वशीकरन के लिए एक इलाची ७ वार यह मन्त्र पढ़  किसी को खिला दे |
९. जब आप किसी अधिकारी से मिलने जा रहे हो जो आपका कार्य नहीं कर रहा तो थोरा इतर लगा के चले जाये वोह आपकी बात जरुर सुनेगा |
१०. इसे २१ दिन करना है और मन शुद रखे |
११. सारी समग्री लाल वस्त्र पे रख के उस में तेल का दिया किसी पात्र में रख कर  लगा दे और मन्त्र जाप शुरू करने से पहले गणेश पूजन गुरु पूजन और श्री भैरव  पूजन अनिवर्य है |
१२. उस दिये  पे एक मिटी के  पात्र पर थोरा घी लगा  के दिये  से थोरा उचा रख सकते है | काजल उतरने के लिए !उस काजल से तीव्र  संमोहन होता है | उसे आँखों में लगा के जिसे भी देखेगे समोहित हो जायेगा !

साधना करते वक़्त ख्याल रखे कई वार मोहिनी भयानक रूप में साहमने आ जाती है | जिस के काले वस्त्र होते है और रंग काला होता है | होठो पे ढेर सारी सुर्खी लगी होती है | आंखे बिजली की तरह चमक रही होती है | ऐसी हालत में डरे न नहीं तो मेहनत बेकार हो जाती है | और ना ही उसकी आंखो में देखने का प्रयत्न करे नहीं तो आप समोहित हो जाएगे और साधना रुक जाएगी बहुत धार्य से काम ले जब तक वोह वर मांगने को न कहे तब तक बोले न सिर्फ अपने मंत्र जप पे ध्यान दे | जब आपका बचन हो जाए तो उसे कहे के जब भी मैं आपको याद कर इस मंत्र का जप कर जिसे समोहित करना चाहु कर सकु आप ऐसा वर दे इस से समोहन की शक्ति आपको दे देगी उसे सिंगार मिठाई पान आदि प्रदान करे वोह खुश हो कर आपको सकल स्मोहन का बचन दे देगी अगर ऐसा न भी हो तो भी मंत्र सिद्ध हो जाता है और कार्य करने लगता है | ऐसा सिर्फ इस लिए लिखा है के मेरा ऐसा अनुभव है | जो मैं समझता हु किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है | पर अक्सर मंत्र सिद्ध हो जाता है और कार्य करने लगता है | साधना के बाद आप इसके प्रयोग की पुष्टि कर सकते है | भूल कर भी गलत कार्यओ में इसका इस्तेमाल न करे इस का कई वार विपरीत परिणाम भी भुगतना पै सकता है |




               साबर मंत्र
मोहिनी मोहिनी  मैं करा मोहिनी  मेरा नाम |
राजा  मोहा प्रजा  मोहा मोहा शहर ग्राम ||
त्रिंजन बैठी नार मोहा चोंके बैठी को |
स्तर बहतर जिस गली  मैं जावा सौ मित्र सौ वैरी को ||
वाजे मन्त्र फुरे वाचा |
देखा  महा मोहिनी  तेरे इल्म का तमाशा ||
                   

                          sabar mantr
mohini mohini main kra mohini mera naam |
raja moha parja moha moha shahar gram ||
trinjan baithi naar moha chonke baithi ko |
70-72  jis gali main java 100 mitr 100 vairi ko ||
vaje mantr fure vacha |





1 टिप्पणी: